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छत्तीसगढ़

कुसमुंड़ा SECL खदान में हैवी ब्लास्ट, दीवारों में पड़ा दरार:कोरबा में ढह गया गरीब का आशियाना, मौत के साए में जी रहा परिवार

कोरबा के कुसमुंडा खदान में हैवी ब्लास्टिंग जोरों से जारी है। कुसमुंड़ा प्रबंधन की लापरवाही से एक गरीब का आशियान ढह गया। खदान से कोयला उत्पादन की वजह से लोगों की जान पर बन आई है। खदान में हैवी ब्लास्टिंग से बरपाली गांव में मकान के छप्पर गिर गए।

बताया जा रहा है कि कुसमुंडा खदान से लगे ग्राम बरपाली में बुधवार साय अपने परिवार के साथ सीट और खपरेल के कच्चे पक्के मकान में निवासरत हैं। रविवार दोपहर कुसमुंडा खदान में हुए जोरदार ब्लास्टिंग की वजह से मकान का छप्पर भरभरा कर गिर गया।

घर के दीवार में पड़ी दरार।
घर के दीवार में पड़ी दरार।

हैवी ब्लास्टिंग के बाद दहशत में परिवार

मिली जानकारी के मुताबिक महिला बगल के कमरे में खाना बना रही थी, जैसे ही ये हादसा हुआ घर वालों के हाथ पैर फूल गए। इस हादसे में लोग बाल बाल बचे हैं। कुसमुंड़ा प्रबंधन की लापरवाही से गरीब परिवार दहशत में है।

ब्लास्टिंग की वजह से घरों के छप्पर गिरे

गेवरा बस्ती क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरपाली के अलावा जटराज, पाली, पडनिया, सोनपुरी, रिश्दी, खोडरी इत्यादि ग्राम भी कुसमुंडा खदान से लगे हुए हैं, जहां आए दिन ब्लास्टिंग की वजह से घरों के छप्पर गिर रहे हैं। दीवारों में दरारें पड़ रही हैं।

खदान से आकर घरों में गिर रहे पत्थर।
खदान से आकर घरों में गिर रहे पत्थर।

दिनभर में 6 से 8 बार हैवी ब्लास्टिंग

बरपाली ग्राम में रहने वाले और लोगों ने बताया कि खदान में दिनभर में 6 से 8 बार हैवी ब्लास्टिंग होती है। कई बार तो ब्लास्टिंग के दौरान भारी भरकम पत्थर भी खदान से उड़कर घरों में गिर रहे हैं।

कई बार शिकायत कर चुके ग्रामीण

ग्रामीणों ने कहा कि कई बार शिकायत किए हैं। खदान में आंदोलन के बाद कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारी हरकत में आते हैं और क्षतिपूर्ति के रूप में चंद पैसे दे देते हैं। घरों की छप्पर में लगाने सीट की व्यवस्था कर चुप्पी साध लेते हैं।

वर्तमान समय में कुसमुंडा खदान में जिस तरह से तय मानकों को अनदेखा कर कोयले का खनन किया जा रहा है, जिससे खदान एक विशालकाय कुंआ नुमा खाई बनती जा रही है।

Anil Sahu

मुख्य संपादक

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