छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में स्टील कारोबारी अक्षत अग्रवाल (23) की हत्या पहेली बन गई। पुलिस ने आरोपी संजीव मंडल को गिरफ्तार किया है। लेकिन उसके दावे ने हत्या की गुत्थी को उलझा दिया है। पुलिस ने संजीव को 3 दिन की रिमांड पर लिया है। उससे नए सिरे से पूछताछ करेगी।
अक्षत की हत्या में परिजनों ने अन्य लोगों के भी शामिल होने की आशंका जताई है। साथ ही कहा है कि कोई व्यक्ति अपनी खुद की सुपारी क्यों देगा। दूसरी ओर अग्रवाल समाज ने रविवार को अक्षत अग्रवाल को श्रद्धांजलि दी और चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है।

पिता महेश केडिया ने कहा, ‘अक्षत खुद को मारने की सुपारी दे, यह संभव नहीं है। आरोपी के दावे पर ही पुलिस जांच टिकी है। उन्होंने कहा कि, इसमें सिर्फ संजीव मंडल शामिल नहीं है, बल्कि और लोग भी हो सकते हैं।’
‘अक्षत जमीन का कारोबार भी करता था। जमीन दिखाने के बहाने ले जाकर उसकी हत्या की गई है। अक्षत के पास हमेशा 12 से 15 लाख होते थे, जो नहीं हैं। ’
आरोपी संजीव का दावा है-‘अक्षत अग्रवाल ने कॉल किया और शाम को साईं कॉलेज के पास बुलाया था। मैं बाइक से बताई जगह पर पहुंच गया। थोड़ी देर में अक्षत आया और मुझे कार में बैठने के लिए कहा। मैंने अपनी बाइक वहीं छोड़ दी।‘
‘अक्षत ही 3 पिस्टल और 34 कारतूस लेकर आया था। उसने खुद पिस्टल में 4 गोलियां भरीं। फिर मुझको दे दी। रास्ते में मैंने उससे पूछा कि किसे गोली मारनी है? इस पर अक्षत ने कहा कि मुझे ही। रास्ते में सुनसान जगह पर कार रोक दी।’
‘उसने खुद को गोली मारने के लिए कहा। मैंने पिस्टल उसकी ओर तानी, लेकिन गोली नहीं चला पा रहा था। तभी अक्षत ने खुद से ही ट्रिगर दबा दिया। गोली उसके सीने में लगी। इसके बाद मैंने भी 2 फायर किए।
एसपी योगेश पटेल ने बताया, ‘मंगलवार दोपहर को आरोपी और अक्षत की मुलाकात हुई थी। आरोपी पहले अक्षत अग्रवाल की फर्म में कर्मचारी था। वह स्वयं आरोपी के घर के पास पहुंचा था। अक्षत अग्रवाल के घर में लगे CCTV में शाम को वह बैग लेकर घर से निकलता दिखा है।’
‘ शाम करीब सवा 6 बजे अक्षत अग्रवाल फिर से आरोपी संजीव मंडल से मिला। वे घटनास्थल पर पहुंचे। शाम करीब 6.45 बजे आरोपी संजीव मंडल ने अक्षत को गोली मार दी। पुलिस पूछताछ में संजीव मंडल ने बताया है कि अक्षत ने खुद को मारने के लिए सुपारी दी थी।’
आरोपी की थ्योरी पर पुलिस को फिलहाल भरोसा नहीं है। एसपी योगेश पटेल ने बताया कि आरोपी संजीव मंडल को 3 दिन की रिमांड पर लिया गया है। उससे नए सिरे से पूछताछ की जा रही है। अब भी आरोपी अपनी पुरानी थ्योरी पर ही अडिग है। आरोपी के परिजनों और दोस्तों से भी पूछताछ की गई है
रायपुर से पहुंचे फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने अक्षत अग्रवाल की कार से सैंपल लिए हैं। पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि कार में कितने लोगों की फिंगर प्रिंट हैं। वहीं घर से घटनास्थल तक CCTV कैमरों की फिर से जांच की जा रही है। इसके अलावा अभी तक अक्षत का आईफोन अनलॉक है।
पुलिस का कहना है कि, आईफोन का पासवर्ड परिजनों के पास भी नहीं है। डाटा इरेज हो जाने की आशंका को देखते हुए आईफोन से छेड़छाड़ नहीं की गई है। पुलिस अधिकारी मोबाइल कंपनी और साइबर एक्सपर्ट से भी संपर्क कर रहे हैं।आरोपी के घर की भी फिर से जांच की गई है।
- 20 अगस्त : अंबिका स्टील इंडस्ट्रीज के संचालक महेश केडिया का बेटा अक्षत अग्रवाल शाम कार लेकर घर से निकला था।
- 20 अगस्त : शाम 6.30 बजे उसका मोबाइल बंद हो गया। देर रात तक उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की सूचना दी।
- 21 अगस्त : पुलिस ने अक्षत के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, तो वो डिगमा टावर रेंज में मिली।
- 21 अगस्त : अंबिकापुर-बनारस मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में अक्षत के साथ कार एक शख्स और दिखाई दिया।
- 21 अगस्त : पुलिस ने परिजनों को फुटेज दिखाया तो उन्होंने शख्स की पहचान उनकी फर्म में पहले काम कर चुके संजीव मंडल के रूप में की।
- 21 अगस्त : पुलिस ने संजीव मंडल को उसके घर से पकड़ा और पूछताछ की। उसने अक्षत के मरने की जानकारी दी।
- 21 अगस्त : संजीव ही पुलिस को अक्षत की कार तक लेकर गया। कार चठिरमा गोशाला के पास जंगल में खड़ी थी। उसमें अक्षत का खून से लथपथ शव मिला।
- 22 अगस्त : आरोपी संजीव ने दावा किया कि अक्षत ने खुद ही अपनी हत्या कराई। इसके लिए उसे सुपारी दी।
- 23 अगस्त : परिजनों ने संजीव के दावों को नकारा। अग्रवाल समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी।
- 24 अगस्त : पुलिस ने फिर पूछताछ के लिए संजीव को कोर्ट में पेश कर 3 दिन की रिमांड पर लिया।
- 25 अगस्त : अग्रवाल सभा ने अक्षत को श्रद्धांजलि दी। चरणबद्ध आंदोलन का लिया गया निर्णय


