चुनाव में गलत बयानबाजी पर होगी कार्रवाई, EC से मिलने वाली अनुमति में भी हो सकती है कटौती

चुनाव प्रचार के गिरते स्तर पर चिंता जताने और राजनीतिक दलों को प्रचार के दौरान सिर्फ मुद्दों पर बात करने की हिदायत देने के बाद चुनाव आयोग ने अब गलत बयानबाजी करने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आने की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग के अनुसार किसी भी तरह की गलत झूठी जाति- धर्म व महिलाओं आदि से जुड़ी बयानबाजी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन मानी जाएगी।
आयोग ने क्या कुछ कहा?
आयोग के अनुसार, किसी भी तरह की गलत, झूठी जाति- धर्म व महिलाओं आदि से जुड़ी बयानबाजी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन मानी जाएगी। ऐसे में ऐसे राजनीतिक दलों के प्रचारकों और उनके प्रत्याशियों के खिलाफ तय नियमों के तहत कार्रवाई होगी। जिसमें उन्हें चुनाव प्रचार से रोका जा सकता है। साथ ही उनके खिलाफ नियमों के तहत आपराधिक मामले भी दर्ज कराए जा सकते है। जरूरत पड़ने पर स्टार प्रचारकों की संख्या को कम किया जा सकता है। प्रचार के दौरान स्वीकृत वाहनों की संख्या में कटौती व रैलियों आदि की अनुमति को भी रद्द किया जा सकता है।





