राष्ट्रीय
गैस सिलेंडर फटने से हुआ दर्दनाक हादसा, कई बच्चे चपेट में

बिहार : फतुहा थाना अन्तर्गत सुलतानगंज गांव में मंगलवार की शाम करीब छह बजे विवाह के बाद चौथारी का खाना बनाने के दौरान रसोई गैस सिलेंडर में अचानक आग लगने से सिलेंडर जोरदार आवाज के साथ फट गया। करकट की छत तोड़ते हुए सिलेंडर का टुकड़ा बाहर फैल गया। इस घटना में शादी समारोह में आए 14 महिला, पुरुष, बच्चे जख्मी हो गए। अधिकांश का हाथ, पैर और चेहरा जला है। शादी के घर में देखते ही देखते चीख पुकार मच गई। गांव के लोग भारी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सभी घायलों को इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया। जख्मियों के साथ तथा बाद में अस्पताल पहुंचे स्वजनों के बीच रोना-बिलखना मचा रहा। इमरजेंसी तथा ओटी में जख्मियों को ले जाकर प्राथमिक उपचार किया गया।
Travel Tips क्यों ना इन छुट्टियों की जाये Indo China Border की सैर _ Travel Nfx 00:10 % Buffered 01:27 / 03:55 Copy video url Play / Pause Mute / Unmute Language Share अस्पताल में मौजूद गृहस्वामी नवल महतो ने बताया कि पुत्री मधु का कन्हाई संग सात मार्च को विवाह हुआ था। दोनों सबलपुर स्थित ससुराल में थे। इधर, घर आए मेहमानों के लिए मंगलवार की शाम चौथारी का खाना बन रहा था। इसी क्रम में रसोई के समीप माचिस जलाते ही चौदह किलो वाले रसोई गैस सिलेंडर में आग पकड़ लिया। मौजूद लोगों ने कंबल, पानी डाल कर आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान कई लोगों का हाथ जल गया। अचानक तेज आवाज के साथ सिलेंडर फट गया। आग से घर-परिवार के ही चौदह लोग जख्मी हो गए। अखिलेश महतो का पैर बुरी तरह से जल जाने के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।
अधीक्षक बोली- किसी को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं एनएमसीएच की अधीक्षक प्रो. डा. अलका सिंह ने बताया कि एनएमसीएच इमरजेंसी में जख्मी ग्यारह लोगों का इलाज चल रहा है। जलने का प्रतिशत अधिकतम 15 से 20 प्रतिशत है। प्राथमिक उपचार के बाद तीन मरीज अनिता, सोनू, ईशु को घर भेज दिया गया। अन्य का उपचार जारी है। अधीक्षक ने बताया कि किसी को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है। इलाज के लिए दवाइयों की कमी नहीं है। वहीं, मरीज के स्वजन उमेश महतो, नवल महतो ने बताया कि इलाज के लिए कई दवाइयां खरीद कर लानी पड़ रही है। इमरजेंसी रजिस्टार डा. जावेद अख्तर एवं अस्पताल प्रबंधक प्रणव कुमार ने कहा कि हाथ, पैर, चेहरा तथा शरीर का अन्य हिस्सा मामूली रूप से जख्मी हुआ है। Also Read – महात्मा गांधी सभा भवन में जिला परिषद की अध्यक्षता में सामान्य बैठक सम्पन्न हुई मरहम-पट्टी कर एंटीबयोटिक दिया जा रहा है। किसी मरीज को रेफर करने की नौबत नहीं आयी है। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में जिन ग्यारह लोगों का इलाज जारी है उन्हें भी जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। रो ती-बिलती महिलाओं ने कहा- पहले से रिस रही होगी गैस अस्पताल में जख्मी महिलाओं तथा रोती बिलखती अन्य महिलाओं ने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर को चेक नहीं किया गया था। पहले से सिलेंडर से गैस रिस रही होगी। माचिस जैसे ही जलाया सिलेंडर और इर्दगिर्द आग भभक गई। Also Read – बेगूसराय स्टेशन को 4700 करोड़ की योजनाओं में कुछ नहीं मिला इलाज में लापरवाही आरोप लगा निजी अस्पताल ले जाने की बात कही जख्मियों का इलाज के नाम पर केवल मरहम-पट्टी किए जाने का आरोप लगाते हुए स्वजन ने आक्रोश व्यक्त किया। इनका कहना था कि अधिक जले मरीज को भी डाक्टर भर्ती नहीं कर रहे हैं। स्वजन जख्मियों को घर ले जाने की तैयारी करने लगे। उन्होंने कहा कि अब निजी अस्पताल में इलाज कराएंगे। यहां तो दवाइयां भी खरीद कर लानी पड़ी। जख्मियों के नाम 1. बब्लू कुमार, 10 वर्ष 2. संध्या कुमारी, 12 वर्ष 3. सोनू कुमार, 25 वर्ष 4. चानो देवी, 35 वर्ष 5. अखिलेश महतो, 25 वर्ष 6. मुन्नी देवी, 30 वर्ष 7. शुभम कुमार, 4 वर्ष 8. मीना देवी, 30 वर्ष 9. रिया कुमारी, 4 वर्ष 10. पियुष कुमार, 6 वर्ष 11. अमरजीत कुमार, 10 वर्ष 12. संजीत कुमार, 8 13. ईशु कुमार, 6 14. अनिता कुमारी, 20 Tagsबिहारगैस सिलेंडरदर्दनाक हादसा




